September 25, 2026 3:13 AM

Krishi Times

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आईसीएआर की छतों पर चमकेगा सौर ऊर्जा का सूरज!

आईसीएआर के 76 संस्थानों की छतों पर लगेगा सोलर प्लांट, हर साल बनेगी 1.73 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली

नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने कृषि अनुसंधान संस्थानों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आईसीएआर और आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (RECPDCL) के बीच एक समझौता (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 76 आईसीएआर संस्थानों में ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर फोटोवोल्टिक (PV) सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।

यह समझौता कृषि अनुसंधान ढांचे को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

11.1 मेगावाट सौर क्षमता होगी स्थापित

समझौते के तहत कुल 11.1 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की जाएगी। अनुमान है कि इससे हर वर्ष लगभग 1.73 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन होगा। इससे संस्थानों की पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटेगी और बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

आईसीएआर के अनुसार, यह पहल कृषि अनुसंधान संस्थानों को पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ समझौता

एमओए पर हस्ताक्षर डीएआरई सचिव एवं आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, डीएआरई के अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार संदीप सरकार, डीएआरई के अतिरिक्त सचिव एवं आईसीएआर सचिव ज्ञानेंद्र डी. त्रिपाठी तथा RECPDCL के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रिंस धवन की उपस्थिति में किए गए।

समझौते पर RECPDCL की ओर से जसपाल सिंह कुशवाहा, महाप्रबंधक (नवीकरणीय ऊर्जा प्रभाग) और आईसीएआर की ओर से कुमार राजेश, निदेशक (जीएसी) ने हस्ताक्षर किए।

पीएम सूर्य घर योजना के तहत होगा क्रियान्वयन

यह परियोजना केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत “गवर्नमेंट बिल्डिंग सोलराइजेशन” घटक के तहत लागू की जाएगी। परियोजना के लिए वित्तीय व्यवस्था आईसीएआर द्वारा की जाएगी, जबकि RECPDCL इसकी स्थापना, परीक्षण, संचालन और पांच वर्षों तक रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी निभाएगा।

कृषि अनुसंधान में बढ़ेगी ऊर्जा आत्मनिर्भरता

विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि अनुसंधान संस्थानों में बिजली की खपत प्रयोगशालाओं, कोल्ड स्टोरेज, सिंचाई प्रणालियों और अनुसंधान उपकरणों के कारण काफी अधिक होती है। ऐसे में रूफटॉप सोलर सिस्टम न केवल बिजली लागत कम करेंगे, बल्कि संस्थानों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेंगे।

हरित कृषि अनुसंधान की ओर बड़ा कदम

आईसीएआर और RECPDCL की यह पहल भारत के कृषि अनुसंधान नेटवर्क में स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण (Clean Energy Transition) को गति देगी। साथ ही यह देश के कृषि क्षेत्र में सतत विकास, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को मजबूत करने में सहायक होगी।

Source:icar