September 16, 2026 6:43 AM

Krishi Times

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एमएसपी पर कपास खरीद होगी पूरी तरह डिजिटल

खरीफ सीजन 2025-26: कपास किसानों के लिए नई व्यवस्था

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कपास एमएसपी संचालन की तैयारियों की समीक्षा, 2025-26 सीजन के लिए 550 खरीद केंद्र प्रस्तावित

नई दिल्ली, — कपास किसानों को राहत और लाभकारी मूल्य दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली में आगामी खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के लिए कपास पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) संचालन की तैयारियों की समीक्षा की। इस उच्च-स्तरीय बैठक में वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव, संयुक्त सचिव (फाइबर) श्रीमती पद्मिनी सिंगला, भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के सीएमडी ललित कुमार गुप्ता तथा मंत्रालय एवं निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस बार एमएसपी संचालन को और अधिक पारदर्शी एवं किसान-केंद्रित बनाया जाएगा। इसी क्रम में पहली बार खरीद केंद्र संचालन के लिए स्पष्ट मानदंड अधिसूचित किए गए हैं। इन मानदंडों में कपास उत्पादन क्षेत्र, कार्यशील एपीएमसी यार्ड की उपलब्धता और खरीद केंद्र पर कम से कम एक स्टॉक प्रसंस्करण इकाई की मौजूदगी को प्राथमिकता दी गई है। इसके आधार पर इस सीजन में प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में रिकॉर्ड 550 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

कपास खरीद की तिथियां

बैठक में यह भी तय किया गया कि विभिन्न राज्यों में कपास की एमएसपी खरीद अलग-अलग तिथियों से आरंभ होगी।

उत्तरी राज्य – 1 अक्टूबर 2025

मध्य राज्य – 15 अक्टूबर 2025

दक्षिणी राज्य – 21 अक्टूबर 2025

किसानों के लिए डिजिटल पहल

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कपास किसानों को उनकी उपज का उचित दाम समय पर और बिना किसी बाधा के दिलाना है। उन्होंने बताया कि डिजिटल इंडिया मिशन के अनुरूप सीसीआई द्वारा कपास की खरीद और बिक्री की पूरी प्रक्रिया अब फेसलेस और पेपरलेस होगी। इससे किसानों और हितधारकों का भरोसा और बढ़ा है।

इस सीजन से किसानों को एक नई सुविधा दी जाएगी। हाल ही में लॉन्च किए गए ‘कपास-किसान’ मोबाइल ऐप के जरिए देशभर के कपास किसान आधार-आधारित स्व-पंजीकरण कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें 7 दिन पहले स्लॉट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। इस डिजिटल व्यवस्था से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को भुगतान सीधे एनएसीएच प्रणाली के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा।

इसके अतिरिक्त, पिछले साल शुरू की गई एसएमएस आधारित भुगतान सूचना सेवा भी जारी रहेगी, ताकि किसानों को समय पर भुगतान की पूरी जानकारी मिल सके।

शिकायत निवारण और निगरानी व्यवस्था

कपास सीजन के दौरान किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने निगरानी और शिकायत निवारण की मजबूत व्यवस्था भी तैयार की है।

प्रत्येक एपीएमसी मंडी में स्थानीय निगरानी समिति (एलएमसी) गठित की जाएगी।

राज्य स्तर पर समर्पित हेल्पलाइन और राष्ट्रीय स्तर पर सीसीआई हेल्पलाइन सक्रिय रहेंगी।

सीजन शुरू होने से पहले पर्याप्त जनशक्ति की तैनाती, लॉजिस्टिक सहायता और अन्य बुनियादी ढांचे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

किसानों के हितों की रक्षा

बैठक में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा,

कपास किसानों के कल्याण के लिए सरकार पूरी तरह समर्पित है। एमएसपी दिशा-निर्देशों के तहत आने वाली सारी कपास की खरीद समय पर और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि किसान भाई-बहनों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिले और उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल और आधुनिक प्रणाली से किसानों को सुविधा मिलेगी, खरीद प्रक्रिया तेज होगी और एमएसपी संचालन पर विश्वास और मजबूत होगा।