रिपोर्ट- आशुतोष शुक्ल
यूपी में खेत तालाब योजना को बढ़ावा
लखनऊ –उत्तर प्रदेश में खरीफ फसलों के पैदावार को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने एक नई रणनीति लागू की है। किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से सरकार ने फसल उत्पादन, सिंचाई और तकनीकी सहायता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस संबंध में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रविन्द्र कुमार द्वारा सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
खरीफ सीजन 2024 में प्रदेश में खाद्यान्न और तिलहनी फसलों का कुल उत्पादन 260 लाख मीट्रिक टन रहा था। अब सरकार ने 2025 में इसे बढ़ाकर 293 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यानी 33 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त करने की योजना बनाई गई है। इसमें मक्का को उत्पादन और धान को क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रमुख फसल के रूप में चुना गया है।
बदलावों के साथ खरीफ रणनीति
नई रणनीति के तहत खरीफ फसलों की बुवाई, देखरेख और सिंचाई की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे किसानों को समय पर उन्नत बीज, खाद और जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। साथ ही, कृषि विशेषज्ञों की निगरानी में किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी की जाएगी।
जल संरक्षण के लिए खेत तालाब योजना का विस्तार
सिंचाई के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने और जल संकट से निपटने के लिए खेत तालाब योजना को राज्य भर में लागू किया गया है। वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों (गौतमबुद्ध नगर को छोड़कर) में 31 मार्च 2025 तक 2033 खेत तालाबों का निर्माण कराया जा चुका है।
अब वर्ष 2025-26 में योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा। इस दौरान 8499 नए लघु खेत तालाब (फार्म पॉण्ड) बनाए जाने का प्रस्ताव है। किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी, जिससे योजना में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित की जा सके।
फार्म पॉण्ड : बहुउपयोगी जल भंडारण संरचना
फार्म पॉण्ड यानी लघु खेत तालाब वर्षा जल संचयन की एक प्रभावी व्यवस्था है। इसका इस्तेमाल फसलों की सिंचाई के साथ-साथ पशुओं को पानी देने और मछली पालन में भी होता है। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए कारगर साबित हो रही है, जहां बारिश कम या असामान्य होती है। फार्म पॉण्ड के जरिए जल उपलब्धता सुनिश्चित होने से फसल उत्पादन में भी वृद्धि हो रही है।






























