रबी सीजन में दलहन पैदावार बढ़ाने की पहल, फतेहपुर और कानपुर देहात के किसानों को उन्नत बीज वितरित
अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत चना, मटर और मसूर की बेहतर किस्मों के बीज के साथ किसानों को मिला PSB जैव उर्वरक
कृषि संवाददाता | कृषि टाइम्स
रबी सीजन में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से फतेहपुर और कानपुर देहात के आदर्श दलहन ग्रामों के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को चना, मटर और मसूर की उन्नत प्रजातियों के बीज वितरित किए गए। इस पहल के तहत किसानों को बीज के साथ फास्फोरस घोलक जीवाणु (PSB) भी उपलब्ध कराया गया, ताकि फसलों में पोषक तत्वों की उपलब्धता बेहतर बनाने और संतुलित कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने में मदद मिल सके।
यह कार्यक्रम अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसके तहत उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के देवमई ब्लॉक स्थित बरिगवां गांव और कानपुर देहात जिले के अकबरपुर ब्लॉक के आदर्श दलहन ग्राम संगसियापुर के किसानों को संस्थान परिसर में बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन संस्थान के निदेशक के मार्गदर्शन में अनुसूचित जाति उपयोजना के नोडल अधिकारी ने किया।
दलहन फसलों की खेती को मिलेगा बढ़ावा
चना, मटर और मसूर रबी मौसम की प्रमुख दलहनी फसलें हैं। ये फसलें किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दलहन फसलों की जड़ों में मौजूद गांठों के माध्यम से वायुमंडलीय नाइट्रोजन के स्थिरीकरण में मदद मिलती है, जिससे फसल चक्र में मिट्टी के स्वास्थ्य को लाभ हो सकता है।
उन्नत बीजों का उपयोग किसानों को बेहतर उत्पादन क्षमता वाली किस्मों तक पहुंच प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, बीज की गुणवत्ता के साथ बुवाई का सही समय, खेत में नमी, संतुलित पोषण प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण और फसल की समय पर निगरानी भी बेहतर उपज के लिए आवश्यक हैं।
किसानों को दिया गया PSB जैव उर्वरक
बीज वितरण के दौरान प्रत्येक किसान को फास्फोरस घोलक जीवाणु (PSB) की एक-एक बोतल भी प्रदान की गई। PSB ऐसे लाभकारी सूक्ष्मजीवों पर आधारित जैव उर्वरक हैं, जो मिट्टी में मौजूद कुछ अनुपलब्ध फॉस्फोरस को पौधों के लिए अधिक सुलभ बनाने में सहायता कर सकते हैं।
फॉस्फोरस पौधों की जड़ों के विकास, ऊर्जा चक्र और प्रजनन संबंधी प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। दलहन फसलों में उचित पोषण प्रबंधन से पौधों की बढ़वार और फसल विकास को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, PSB का प्रभाव मिट्टी की स्थिति, उत्पाद की गुणवत्ता, उपयोग की विधि और अन्य कृषि प्रबंधन उपायों पर निर्भर करता है।
किसानों को जैव उर्वरक का उपयोग उत्पाद के लेबल और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार करने की आवश्यकता है। इसे रासायनिक उर्वरकों का पूर्ण विकल्प मानने के बजाय एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के हिस्से के रूप में अपनाना अधिक उपयोगी हो सकता है।
बीज वितरण के साथ कृषि संबंधी जानकारी भी दी गई
कार्यक्रम केवल बीज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहा। बीज वितरण के बाद किसानों को दलहन फसलों की खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देकर जागरूक किया गया। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर उत्पादन तकनीकों से परिचित कराना और उपलब्ध कृषि संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित करना था।
दलहन की खेती में किसानों के लिए प्रमाणित एवं उपयुक्त किस्मों का चयन, बीजोपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, समय पर बुवाई और फसल की नियमित निगरानी जैसे उपाय महत्वपूर्ण हैं। स्थानीय कृषि-जलवायु के अनुकूल किस्मों का चुनाव तथा कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार तकनीकों को अपनाने से उत्पादन जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम के व्यवस्थित क्रियान्वयन में मौलिक विज्ञान विभाग के सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी ने सहयोग किया।
छोटे किसानों तक तकनीक पहुंचाने की दिशा में पहल!
अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत आयोजित इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य कृषि संसाधनों और तकनीकी जानकारी को लक्षित किसान समुदायों तक पहुंचाना है। उन्नत बीज, जैव उर्वरक और खेती संबंधी मार्गदर्शन को एक साथ उपलब्ध कराने से किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
दलहन पैदावार में सुधार के लिए बीज वितरण के साथ-साथ किसानों को फसल की पूरी अवधि में तकनीकी सहायता, रोग एवं कीट प्रबंधन की जानकारी और उपज के बेहतर विपणन के अवसर उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है। यदि ऐसी पहल के साथ नियमित प्रशिक्षण और खेत स्तर पर मार्गदर्शन जोड़ा जाए, तो इसका लाभ किसानों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकता है।
फतेहपुर के बरिगवां और कानपुर देहात के संगसियापुर गांव में आयोजित यह बीज वितरण कार्यक्रम रबी सीजन में दलहन खेती को प्रोत्साहित करने तथा किसानों को उन्नत कृषि संसाधनों से जोड़ने की दिशा में एक उपयोगी प्रयास है।





























