October 15, 2026 2:17 AM

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सीआईआरजी कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात, अब मिलेगा कैशलेस इलाज!

सीआईआरजी मथुरा के कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ, केपी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के साथ हुआ एमओयू

मथुरा, 9 जून। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत कार्यरत केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मखदूम, मथुरा ने अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संस्थान ने आगरा स्थित के.पी. इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के साथ कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

8 जून 2026 को आयोजित एमओयू हस्ताक्षर समारोह में सीआईआरजी की ओर से संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली तथा के.पी. इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की ओर से निदेशक (प्रशासन) ब्रिगेडियर अशोक कुमार अरोड़ा एवं सह निदेशक शदाब आलम उपस्थित रहे।

इस समझौते के तहत संस्थान में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके पात्र आश्रित परिवारजनों को सीजीएचएस (केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना) और सीएस-एमए नियमों के अनुरूप निर्धारित दरों पर विभिन्न चिकित्सा सेवाएं और उपचार कैशलेस आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती होने या इलाज के दौरान तत्काल भुगतान की चिंता से राहत मिलेगी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।

कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को मिलेगी मजबूती

एमओयू के बाद कर्मचारियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की परामर्श सेवाएं, जांच सुविधाएं, आपातकालीन चिकित्सा सहायता, सर्जिकल उपचार तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं बिना अग्रिम भुगतान के प्राप्त हो सकेंगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन कर्मचारियों और परिवारों के लिए लाभकारी होगी जिन्हें गंभीर या आकस्मिक स्वास्थ्य समस्याओं के दौरान आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है।

सीआईआरजी के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने कहा कि संस्थान अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि यह समझौता कर्मचारियों को बेहतर, त्वरित और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता और मनोबल दोनों में सकारात्मक वृद्धि होगी।

संस्थान की कर्मचारी हितैषी पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी एवं अनुसंधान संस्थानों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐसे समझौते कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से चिकित्सा उपचार में होने वाली देरी कम होती है तथा कर्मचारियों और उनके परिवारों को समय पर बेहतर इलाज मिल पाता है।

एमओयू हस्ताक्षर समारोह में संस्थान के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने कर्मचारियों के हित में उठाए गए इस कदम का स्वागत करते हुए इसे संस्थान की कर्मचारी कल्याण नीति की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

गौरतलब है कि केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान देश में बकरी पालन एवं संबंधित अनुसंधान का प्रमुख केंद्र है और संस्थान द्वारा कर्मचारियों के कल्याण के लिए समय-समय पर विभिन्न सुविधाओं एवं योजनाओं का विस्तार किया जाता रहा है।